उज्जैन। नागपंचमी पर लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात वर्दी की हमदर्दी और मानवता भी सामने आई। जहां एक दिव्यांग को गोद में उठाकर दर्शन कराये गये, वहीं निगमकर्मी के सीने में दर्द होने पर तत्काल भीड़ के बीच से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। यहीं नहीं श्रद्धालुओं को भूख लगाने पर एसपी ने खाना मंगवाया और खुद भी साथ बैठकर खाया।
धार्मिक नगरी में नागपंचमी के साथ सावन माह का सोमवार होने पर शाम को निकली बाबा महाकाल की तीसरी सवारी में सुरक्षा व्यवस्था के लिये 36 घंटे के लिये 24 सौ से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। तैनाती से पहले ही एसपी प्रदीप शर्मा ने सभी को कर्तव्य निष्ठा के साथ श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन हो सके इसके निर्देश जारी किये थे। खुद एसपी भी व्यवस्था में लगातार मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिये भ्रमण कर रहे थे। इस दौरान पुलिस की मानवीयता चेहरा उस वक्त सामने आया जब ड्युटी पर तैनात नगर निगम कर्मचारी की अचानक तबीयत बिगड़ गई और सीने में दर्द होने लगा। पुलिसकर्मियों ने तत्काल एम्बुलेंस की व्यवस्था कराई और भीड़ को हटाते हुये एम्बुलेंस को अस्पताल तक पहुंचाया। समय पर उपचार मिलने से निगमकर्मी को स्वास्थ्य लाभ मिल सका। यहीं नहीं महाकाल मंदिर के शिखर पर बने नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन की कतार में दिव्यांग को देख एसआई चंद्रभानसिंह ने देखा तो तत्काल उसे श्रद्धाुलओं की कतार से गोद में उठा लिया और नागचंद्रेश्वर मंदिर तक लेकर पहुंचे। दिव्यांग श्रद्धालु को दर्शन करने के बाद उसे ऊपरी तल से नीचे उतारा। इस बीच एसपी खुद श्रद्धालुओं से चर्चा कर व्यवस्था का जायजा ले रहे थे। उन्होने कुछ श्रद्धालुओं से बातचीत की तो उन्होने बातों-बातों में भूख लगने की बात कहीं। एसपी ने तत्काल श्रद्धालुओं के लिये भोजन की व्यवस्था कराई और खुद उनके साथ मंदिर परिसर में जमीन पर बैठ भोजन किया। लगातार ड्युटी कर रहे पुलिसकर्मियों ने कई श्रद्धालुओं को भीड़ के बीच से सुरक्षित निकालने में मदद की मानवीयता का परिचय दिया। इस दौरान श्रद्धालुओं का कहा कि दर्शन में समय लगा लेकिन व्यवस्था अच्छी होने आसानी से दर्शन हो सके।
नागपंचमी पर सुरक्षा में तैनात वर्दी की दिखाई दी हमदर्दी